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अधिनियमोें के आईने में आदिवासी

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                                          आदिवासी पक्ष और समय                                     रामनाथ शिवेंद्र                                    मनीष पब्लिकेशंस   ४७१/१०, A  ब्लॉक, पार्ट-२                                   सोनिया बिहार , दिल्ली -११००९४ फोन- ०९९६८७६२९५३ अधिनियमोें के आईने में आदिवासी जनजाति या आदिवासी दोनों न तो एक दूसरे के पूरक हैं और न ही पर्याय।  आदिवासी का अर्थ मूल निवासी से ही लगाया जा सकता है, जबकि जनजाति में  रहवास की मूल व्यवस्था का अर्थ किसी से छिपा नहीं है। जनजाति का अर्थ एक  ऐसा वंशमूल या एक ऐसी प्रजाति जो सीधे तौर पर लोकसंस्कृति तथा लोककला व  ...